राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नटेरन विकासखंड के ग्राम नटेरन की जनशक्ति स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती उर्मिला भार्गव 9399102966

इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रशिक्षण और आजीविका मिशन के सहयोग से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया।

खास बातें

  • जनशक्ति स्व-सहायता समूह का गठन 2 जुलाई 2018 को हुआ।
  • समूह से जुड़ने से पहले उर्मिला भार्गव मुख्य रूप से कृषि आधारित कार्य करती थीं, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 2,500 से 4,500 रुपये की आय होती थी।
  • आज उर्मिला भार्गव इन विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

जनशक्ति स्व-सहायता समूह का गठन 2 जुलाई 2018 को हुआ। समूह की महिलाओं ने नियमित बचत की शुरुआत करते हुए बैंक खाता खुलवाया और सामूहिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। समूह से जुड़ने से पहले उर्मिला भार्गव मुख्य रूप से कृषि आधारित कार्य करती थीं, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 2,500 से 4,500 रुपये की आय होती थी। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से प्रेरित होकर उर्मिला ने ग्राम संगठन का गठन किया तथा ग्राम संगठन से आजीविका ऋण एवं बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्राप्त कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। उन्होंने किराना दुकान की शुरुआत की और इसके साथ-साथ सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) का संचालन, बैंक सखी तथा वित्तीय साक्षरता सखी के रूप में भी कार्य करना प्रारंभ किया।

आज उर्मिला भार्गव इन विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।

उर्मिला भार्गव की सफलता यह साबित करती है कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और अवसर मिलें तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं। आज उनकी सफलता की कहानी नटेरन क्षेत्र की अनेक महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।