ग्रामीण अंचल के प्रत्येक कोने तक बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय समावेशन को प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के जिला विकास प्रबंधक कार्यालय तथा म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के संयुक्त तत्वावधान में धार जिला मुख्यालय पर "एक पंचायत एक बीसी" विषयक एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में धार जिले के छह विकासखंडों से लगभग 50 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें वर्तमान में सेवाएं दे रही बैंक सखियां/बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के साथ-साथ भविष्य में इस भूमिका को निभाने की इच्छुक महिलाएं भी शामिल थीं।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DDM) श्रीमती सौदामिनी माईणकर, एनआरएलएम के जिला प्रबंधक श्री प्रवीण सोलंकी, धार विकासखंड प्रबंधक श्रीमती दीप्ति वीरकर, बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक श्री रोहित गौर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की प्रबंधक श्रीमती कृतिका अरोरा और मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक श्री संदीप मोहर ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने स्वयं सहायता समूह-बैंक ऋण संबद्धता कार्यक्रम (SHG-BLP), डिजिटल बैंकिंग, ग्राहक सेवा और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंच को सुदृढ़ करने के तौर-तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), अटल पेंशन योजना (APY), लखपति दीदी योजना और एनपीएस संचय योजना जैसी प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीण परिवारों को इनसे जोड़ने के उपायों पर चर्चा की गई।

विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने बीसी के रूप में कार्य करते हुए बीमा और पेंशन एजेंट के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसरों से भी महिलाओं को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में हुए संवाद सत्र में बैंक सखियों ने अपने मैदानी अनुभव साझा किए और अधिकारियों ने उनकी शंकाओं का समाधान किया।प्रशिक्षण से महिलाओं में वित्तीय साक्षरता और बीसी की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ी, वहीं 6 स्वयं सहायता समूह सदस्यों ने बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के रूप में कार्य करने के लिए अपने आवेदन प्रस्तुत किए।