महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार सुन्द्रियाल के मार्गदर्शन में सुश्री रचना चौधरी द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर, बालाघाट एवं बैहर महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम और पारिवारिक संबंधों के पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रभावी कार्य कर रहा है। हाल ही में केंद्र की काउंसलिंग और सतत फॉलो-अप से एक दंपति का बिखरता परिवार फिर से जुड़ गया।

वन स्टॉप सेंटर प्रशासक सुश्री रचना चौधरी ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व विवाह बंधन में बंधे दंपति के बीच पति की शराब की लत के कारण लगातार विवाद और घरेलू हिंसा की स्थिति बन गई थी। परेशान होकर पत्नी ने 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला वन स्टॉप सेंटर पहुंचा।

खास बातें

  • केंद्र में दोनों की कई चरणों में काउंसलिंग की गई।
  • परामर्श के दौरान पति को अपनी गलतियों का एहसास हुआ और उन्होंने पत्नी से माफी मांगते हुए शराब छोड़ने का संकल्प लिया।
  • पत्नी भी महिलाओं की सहायता के लिए काउंसलिंग सपोर्ट ग्रुप से जुड़ गई हैं।

केंद्र में दोनों की कई चरणों में काउंसलिंग की गई। परामर्श के दौरान पति को अपनी गलतियों का एहसास हुआ और उन्होंने पत्नी से माफी मांगते हुए शराब छोड़ने का संकल्प लिया। मनोवैज्ञानिक परामर्श और नियमित फॉलो-अप के बाद उन्होंने नशे की आदत छोड़ दी। अब दोनों पति-पत्नी आपसी विश्वास और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पत्नी भी महिलाओं की सहायता के लिए काउंसलिंग सपोर्ट ग्रुप से जुड़ गई हैं। वन स्टॉप सेंटर का कहना है कि समय पर संवाद, संवेदनशील परामर्श और सकारात्मक सहयोग से टूटते रिश्तों को भी नई दिशा दी जा सकती है।