जंगल की पहचान के कई रंग
कान्हा का नाम अक्सर बाघों के साथ लिया जाता है, लेकिन उसकी संरक्षण कहानी में बारहसिंगा का खास स्थान है। मध्य प्रदेश पर्यटन के परिचय में इस प्रजाति को लगभग विलुप्त होने की स्थिति से बचाने के प्रयास को उद्यान की महत्वपूर्ण पहचान बताया गया है।
प्रकृति को थोड़ा ठहरकर देखें
कान्हा में चीतल, सांभर, गौर, लंगूर और कई तरह के पक्षियों का भी संसार है। एक वन यात्रा में हर प्रजाति और उसके आवास पर ध्यान देना जंगल को अधिक अच्छे से समझने का तरीका हो सकता है।
यात्रा की तैयारी
सफारी की तारीख, उपलब्ध क्षेत्र और प्रवेश व्यवस्था बदल सकती है। योजना बनाते समय आधिकारिक वन बुकिंग पोर्टल की जानकारी लें। किसी खास वन्यजीव का दिखाई देना सुनिश्चित नहीं होता; प्रकृति का अनुभव देखने और समझने की पूरी प्रक्रिया है।
स्रोत
- मध्य प्रदेश पर्यटन: कान्हा राष्ट्रीय उद्यान ↗मध्य प्रदेश पर्यटन



